योग क्या है ? : What is Yoga?

‘योग’ शब्द संस्कृत मूल ‘युज’ से बना है, जिसका अर्थ है ‘जुड़ना’ या ‘जुड़ना’ या ‘एकजुट होना’।

योग शास्त्रों के अनुसार योग के अभ्यास से व्यक्तिगत चेतना का सार्वभौमिक चेतना के साथ मिलन होता है, जो मन और शरीर, मनुष्य और प्रकृति के बीच पूर्ण सामंजस्य का संकेत देता है।

सबसे पहले ‘योग’ शब्द का उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। इसके बाद अनेक उपनिषदों में इसका उल्लेख आया है।

कठोपनिषद में सबसे पहले योग शब्द उसी अर्थ में प्रयुक्त हुआ है जिस अर्थ में इसे आधुनिक समय में समझा जाता है।

माना जाता है कि कठोपनिषद की रचना ईसापूर्व पांचवीं और तीसरी शताब्दी ईसापूर्व के बीच के कालखण्ड में हुई थी।

पतञ्जलि का योगसूत्र योग का सबसे पूर्ण ग्रन्थ है। इसका रचनाकाल ईसा की प्रथम शताब्दी या उसके आसपास माना जाता है।

पातञ्जल योग दर्शन के अनुसार –

योगश्चित्तवृतिनिरोधः (1/2)

अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है।

विष्णुपुराण के अनुसार –

योगः संयोग इत्युक्तः जीवात्म परमात्मने

अर्थात् जीवात्मा तथा परमात्मा का पूर्णतया मिलन ही योग है।

भगवद्गीता के अनुसार –

सिद्धासिद्धयो समोभूत्वा समत्वं योग उच्चते (2/48)

अर्थात् दुःख-सुख, लाभ-अलाभ, शत्रु-मित्र, शीत और उष्ण आदि द्वन्दों में सर्वत्र समभाव रखना योग है।

योग व्यक्ति के शरीर, मन, भावना और ऊर्जा के स्तर पर काम करता है।

योग कितने प्रकार के होते हैं?

योग के चार व्यापक वर्गीकरणों को जन्म दिया है:

  1. कर्म योग, जहां हम शरीर का उपयोग करते हैं;
  2. भक्ति योग, जहां हम भावनाओं का उपयोग करते हैं;
  3. ज्ञान योग, जहां हम मन और बुद्धि का उपयोग करते हैं;
  4. और क्रिया योग, जहां हम ऊर्जा का उपयोग करते हैं।

योग के लाभ

  • योग शक्ति, संतुलन और लचीलेपन में सुधार करता है।
  • योग गठिया के लक्षणों को कम कर सकता है।
  • योग हृदय स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है।
  • योग आपको आराम देता है, जिससे आपको बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है।
  • योग का मतलब अधिक ऊर्जा और उज्जवल मूड हो सकता है।
  • योग आपको तनाव को प्रबंधित करने में मदद करता है।

Vifitkit Anti-Skid Yoga Mat with Carry Bag For Home Gym & Outdoor Workout
Follow us on facebook

Leave a Reply